कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचनः
कर्म को धर्म से ऊँचा मानने वाले विश्व के एकमात्र धर्म हिन्दू धर्म में पैदा होना ही मेरे लिए एक बहुत बड़ा सौभाग्य है । मैं सुनीता चिब पिछले ३० वर्षों से आस्ट्रिया में अपने परिवार के साथ रह रही हूँ । सेवानिवृत्त होने के बाद ही HRÖ दल से जुड़ी हूँ परन्तु हिन्दू धर्म के विकास व प्रचार के लिए शुरू से ही सक्रिय रही थी, हूँ, और सदा रहूँगी । आप सब के साथ, सहयोग व सहभागिता से HRÖ को नयी ऊँचाइयों तक ले के जाने के लिये प्रतिबद्ध हूँ ।
किसी शायर की पंक्तियों को इस तरह व्यक्त करके समाप्त करती हूँ :
प्रसिद्ध होने की किसे है इच्छा ।
आप पहचानते हैं यही है अच्छा ।
जय श्री राम
हिन्दू मेरी पहचान